Thought of the Day's

“शक्कर फैली रेत में, गज मुख चुनी न जाए l चींटी बन कर बीन ले, मज़े मज़े से खाय ll”

Fear not what is not real, never was and never will be. What is real, always was and cannot be destroyed.

न काबिल थे ये हाथ आप की सेवा के लिए
न काबिल था ये सर आपके सजदे के लिए
न काबिल थी आवाज आपके भजनों के लिए
न काबिल थी ये स्वास आप के सिमरन के लिए

बस आप जी की पावन चरण शरण की संगती ने ना काबिल को काबिल बना दिया|

Mousam badla barish aane lagi
Reh reh kar prabhu ji ki yaad stane lagi
Jab barish ki bundo ko chu kar dekha
Har bund mai prabhu ji tasveer nazar aane lagi..

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